जिला सक्ती /(छ.ग.)
प्रदेशरिपोर्टर कमीरकुमार के साथ जिला रिपोर्टर अनंत कुमार चौधरी ,अनिल कुमार टंडन ,कैमरामेन हितेशकुमार


प्रशिक्षार्थियों को आयोजक विद्यालय के ब्यवस्थापक व प्रशिक्षको के द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।

सतत प्रशिक्षण एवं प्रयास से व्यक्ति के भीतर नई ऊर्जा व विकास की संभावनाएं पैदा होती है, यह बात चितरंजय पटेल अधिवक्ता ने विद्या भारती योजनानुसार सरस्वती शिक्षा संस्थान छत्तीसगढ़ के मार्गदर्शन में आयोजित हर विद्यालय उत्कृष्ठ विद्यालय कार्यशाला में स्वागत भाषण करते हुए कहा ।
इस अवसर पर सरस्वती शिशु मंदिर सक्ती के अध्यक्ष राम अवतार अग्रवाल ने प्रशिक्षार्थी आचार्य आचार्या को शुभकामना देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य कामना की ।

सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय के प्रांगण में हाई कोर्ट के अधिवक्ता चितरंजय सिंह पटेल ने जयकारा करते हुए संदेश दिया।
सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय सक्ती के साथ ही सरस्वती शिशु मंदिर पोरथा, डुमरपारा, सकरेली के कुल ६० प्रशिक्षार्थियों को संस्थान की ओर से नियुक्त हर विद्यालय उत्कृष्ट विद्यालय अभियान के प्रशिक्षक दिवाकर स्वर्णकार व संस्थान के जिला प्रतिनिधि रवींद्र सराफ ने परीक्षा परिणाम में सुधारात्मक प्रयास, संस्थान के पंचलक्ष्य प्राप्ति हेतु प्रयास, भैया बहनों के व्यक्तित्व विकास के लिए प्रयत्न, सामाजिक सरोकार के दृष्टि से सार्थक व समुचित प्रयास आदि विषय को लेकर कार्यशाला में विस्तार से प्रशिक्षण देते हुए समर्पित भाव से विद्यालय के उत्थान के लिए योगदान सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
कार्यशाला के शुभारंभ में अतिथियों के द्वारा भारत माता व सरस्वती माता के पूजन वंदन व दीप प्रज्जवलन के साथ ही सरस्वती वंदना की प्रस्तुति दी गई। आगंतुक मंचासीन अतिथियों का प्रधानाचार्य बलदाऊ साहू ने चंदन तिलक से स्वागत किया।
आयोजक विद्यालय के द्वारा आयोजित सहभोज में अतिथिगण के साथ सभी प्रशिक्षार्थी गण शामिल हुए एवम प्रशिक्षण समाप्ति पर सभी प्रशिक्षार्थियों को आयोजक विद्यालय के व्यवस्थापक व प्रशिक्षकों के द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया । अंत में पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी प्रशिक्षार्थियों को आयोजक विद्यालय के व्यवस्थापक ने आंवला, बेल, बादाम, कटहल आदि औषधीय व फलदार पौधे वितरित किया। आज के कार्यशाला को सफल बनाने में नगरीय विद्यालय सक्ती के अलावा ग्राम्य भारती विद्यालयों में से पोरथा, डुमरपारा व सकरेली विद्यालय परिवार की सक्रिय भूमिका रही जिसके प्रति प्राचार्य चूड़ामणि साहू ने सबके प्रति आभार व्यक्ति किया।






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