जिला सक्ती-छत्तीसगढ़
प्रदेश मिडिया प्रभारी राजा बंजारे के साथ जिला रिपोर्टर सुनिता कुर्रे रुखसाना महेश, शिवा यादव, हलधर साहू।


जिला सक्ती -दिनाँक 14,04,2025 को जनपद पंचायत मालखरौदा परिसर में संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के जन्म जयंती का कार्यक्रम में मुख्यअतिथि श्री मति कमलेश जांगड़े जी सांसद जांजगीर चाम्पा, विशिष्टअतिथि श्री टिकेस्वर गबेल जी जिलाध्यक्ष भाजपा सक्ति कार्यक्रम जनपद पंचायत मालखरौदा की अध्यक्ष श्री कवि वर्मा जी अध्यक्षता में धुमधाम से अंबेडकर जयंती को मनाया


सर्वप्रथम बाबा साहब की प्रतिमा में दीप प्रज्वलित व माल्यार्पण कर पूजन अर्चन किया गया। सांसद कमलेश जांगड़े जी ने कहा सभी जनताओ को बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर जी की जन्म जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं बधाई देती हूं बाबा साहब सभी के लिए समान कानून बनाये हक अधिकार दिये, महिलाओं के हक अधिकार दिलाया


डाॅ.भीमराव अंबेडकर जयंती के शुभ अवसर पर 24आज तक मिडिया टीम द्वारा जनपद अध्यक्ष कवि वर्मा जी को फूल गुलदस्ता देकर शुभकामनाएं दिया


जनपद पंचायत मालखरौदा के अध्यक्ष कवि वर्मा जी ने संविधान निर्माता डाॅ.भीमराव अंबेडकर जी की जन्म जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं दिया।
जनपद अध्यक्ष कवि वर्मा जी ने प्रेस वार्ता में कहा मैं बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर को नमन करता हूं संविधान निर्माता बाबा साहब बहुत मेहनत संघर्ष कर हमारे देश की कानून व्यवस्था को बनाया सभी के हक अधिकार दिलाया , हमें एकता में रहकर चलना है इस अवसर पर जनपद पंचायत के जनपद सदस्य, सरपंच, व मंडल मालखरौदा, अड़भार, व छापोरा के मंडल अध्यक्ष व जेस्ट श्रेष्ठ कार्यकर्ता गण विशेष रूप से उपस्थित रहे।



एवं मालखरौदा सरपंच सावित्री रंजीत अजगल्ले के मुख्य नेतृत्व में सभी भीम कार्यकर्ता, विशिष्ट ग्रमीण नागरिक बस्ती अंदर अंबेडकर पुस्तकालय से सभी कार्यकर्ता डिजे बाजा रैली के साथ नाचते झुमते हुए जनपद प्रांगण में पहुंचे, फिर सरपंच सावित्री रंजीत अजगल्ले एवं जन प्रतिनिधि पंच गण भीम युवा चेतना समिति के सभी कार्यकर्ता बाबा साहब भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा में दीप प्रज्ज्वलित किया फूल माला से अर्पित किया और जय जयकार किया।


डॉक्टर भीमराव आंबेडकर जयंती हर साल 14 अप्रैल को मनाई जाती है, जो भारतीय संविधान के जनक और देश के पहले कानून एवं न्याय मंत्री का जन्मदिन है। उनका जन्म तय14 अप्रैल 1891 को मध्य प्रदेश के महू में हुआ था। आंबेडकर जयंती के अवसर पर लोग उनके योगदान और जीवन को याद करते हैं, जिन्होंने दलित बौद्ध आंदोलन को प्रेरित किया और अछूतों से होने वाले सामाजिक भेदभाव के विरुद्ध अभियान चलाया।






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