जिला सक्ती-छत्तीसगढ़
प्रदेश मिडिया प्रभारी राजा बंजारे के साथ जिला रिपोर्टर अनंत कुमार चौधरी सुनिता कुर्रे,रुखसाना महेश,मिनू सिदार कैमरामैन शिवा यादव नरेशयादव ,महेश सिदार रामकिशन चंद्रा


जिला सक्ती -जिला शक्ति के अंतर्गत आने वाले ब्लॉक मालखरौदा के शासकीय वेदराम महाविद्यालय मालखरौदा में जन भागीदारी शिक्षा समिति की मीटिंग संपन्न हुआ जिसके मुख्य अतिथि जन भागीदारी समिति के अध्यक्ष लोकेश चंद्रा जी रहे सदस्य अशोक जलतारे बजरंग भारती ,शैल त्रिवेदी, दयालु जटवार एवं महाविद्यालय के प्राचार्य बी डी जांगड़े एवं स्टाफ के शिक्षक शिक्षिकाए उपस्थित हुए जन भागीदारी समिति के अध्यक्ष लोकेश चंद्रा जी द्वारा वृक्षारोपण किया गया और आगे कहा हमारे जो जन भागीदारी शिक्षा समिति का बैठक हुआ इसमें हमने जो महाविद्यालय कॉलेज की शिक्षा अच्छा सुधार के लिए चर्चा किया जिसमें निम्नलिखित है शिक्षा की सुधार के लिए कई तरीके हो सकते हैं, जिनमें से कुछ प्रमुख तरीके निम्नलिखित हैं:
- पाठ्यक्रम में सुधार: पाठ्यक्रम को अधिक प्रासंगिक और उपयोगी बनाने के लिए सुधार किया जा सकता है, जिससे छात्रों को वास्तविक जीवन में उपयोगी कौशल और ज्ञान प्राप्त हो सके।
- शिक्षण पद्धति में सुधार: शिक्षण पद्धति में सुधार करके छात्रों को अधिक प्रभावी ढंग से सीखने में मदद की जा सकती है, जैसे कि प्रोजेक्ट-आधारित शिक्षा, समस्या-आधारित शिक्षा आदि।
- शिक्षकों की क्षमता बढ़ाना: शिक्षकों की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण और विकास कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं, जिससे वे छात्रों को बेहतर ढंग से पढ़ा सकें।
- प्रौद्योगिकी का उपयोग: प्रौद्योगिकी का उपयोग करके शिक्षा को अधिक आकर्षक और प्रभावी बनाया जा सकता है, जैसे कि ऑनलाइन शिक्षा, ई-लर्निंग प्लेटफ़ॉर्म आदि।
- मूल्यांकन प्रणाली में सुधार: मूल्यांकन प्रणाली में सुधार करके छात्रों की प्रगति को अधिक सटीक और निष्पक्ष ढंग से मापा जा सकता है, जैसे कि परियोजना-आधारित मूल्यांकन, पोर्टफोलियो मूल्यांकन आदि।
- शिक्षा में सामुदायिक भागीदारी: शिक्षा में सामुदायिक भागीदारी को बढ़ावा देकर छात्रों को वास्तविक जीवन के अनुभव प्राप्त करने में मदद की जा सकती है, जैसे कि सामुदायिक सेवा, इंटर्नशिप आदि।
- शिक्षा में समानता और समावेशिता: शिक्षा में समानता और समावेशिता को बढ़ावा देकर सभी छात्रों को समान अवसर प्रदान किए जा सकते हैं, जैसे कि विशेष आवश्यकता वाले छात्रों के लिए विशेष सुविधाएं आदि।
इन तरीकों से शिक्षा की सुधार की जा सकती है और छात्रों को बेहतर ढंग से सीखने में मदद की जा सकती है।
एवं वृक्षारोपण के बारे में कहा वृक्षारोपण का महत्व बहुत अधिक है, और यह हमारे पर्यावरण और जीवन के लिए बहुत ही लाभदायक है। वृक्षारोपण के कुछ प्रमुख महत्व निम्नलिखित हैं:
- वायु शुद्धिकरण: वृक्ष वायु में मौजूद कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित करते हैं और ऑक्सीजन छोड़ते हैं, जिससे वायु शुद्ध होती है और हमारे स्वास्थ्य के लिए लाभदायक होती है।
- जल चक्र: वृक्ष जल चक्र को बनाए रखने में मदद करते हैं और वर्षा को बढ़ावा देते हैं।
- मिट्टी का संरक्षण: वृक्ष मिट्टी को स्थिर रखने में मदद करते हैं और मिट्टी के क्षरण को रोकते हैं।
- जैव विविधता: वृक्ष जैव विविधता को बढ़ावा देते हैं और विभिन्न प्रकार के जीव-जन्तुओं को आश्रय प्रदान करते हैं।
- जलवायु परिवर्तन: वृक्ष जलवायु परिवर्तन को कम करने में मदद करते हैं और ग्रीनहाउस गैसों को अवशोषित करते हैं।
- ध्वनि प्रदूषण: वृक्ष ध्वनि प्रदूषण को कम करने में मदद करते हैं और शोर को अवशोषित करते हैं।
- सौंदर्य और मनोरंजन: वृक्ष हमारे आसपास के वातावरण को सुंदर बनाते हैं और मनोरंजन के अवसर प्रदान करते हैं।
वृक्षारोपण के महत्व को समझने और वृक्षों की देखभाल करने से हम अपने पर्यावरण को संरक्षित कर सकते हैं और एक स्वस्थ और सुंदर भविष्य की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं।






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