जिला सक्ती-छत्तीसगढ़
प्रदेश मिडिया प्रभारी राजा के साथ जिला रिपोर्टर श्रद्धा बर्मन सुनीता कुर्रे रुखसाना महेश मिनू सिदार रिपोर्टर शिवा यादव।


समाजिक कार्यकर्ता लालू गबेल अपने बेटी के जन्म पर कर्मा नृत्य के साथ रथ में बैठाकर रेली निकालकर क्षेत्र में खुशियां बाटा


बिटिया के जन्म पर अनोखा जश्न – बेटी को रथ में बिठाकर निकालकर क्षेत्र में खुशी बाटा
सक्ती जिले के ब्लॉक कॉलोनी मालखरौदा इन दिनों खुशियों से सराबोर है। यहाँ लालू गबेल के घर बेटी के जन्म के अवसर पर परिवार ने ऐसा स्वागत किया, जिसकी चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है। बेटी के जन्म पर जहाँ कई जगह साधारण रीति-रिवाज निभाए जाते हैं, वहीं गबेल परिवार ने इसे समाज में बेटियों के महत्व को रेखांकित करने का अवसर बना दिया।
परिवारजनों ने माँ और नवजात को फूलों से सजे रथ में बैठाकर पूरे मोहल्ले में शोभायात्रा निकाली। ढोल-नगाड़ों और बैंडबाजे की धुन पर रिश्तेदार और आस-पड़ोस के लोग थिरकते हुए इस जुलूस में शामिल हुए। जगह-जगह लोगों ने नवजात का स्वागत किया और मिठाई वितरित कर अपनी खुशी जाहिर की। मोहल्ले के बुजुर्गों ने आशीर्वाद दिया तो बच्चों ने भी जमकर मस्ती की।
लालू गबेल और परिजनों ने कहा कि आज के दौर में बेटियाँ किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। बेटी का जन्म सौभाग्य का प्रतीक है। इसीलिए उन्होंने संदेश देने के लिए जुलूस निकाला ताकि समाज में यह सोच बने कि बेटे और बेटी में कोई अंतर नहीं है।
मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएँ भी शामिल हुईं। उन्होंने भी नवजात का स्वागत किया। पूरा वातावरण उल्लास और उत्साह से भर गया। मोहल्ले के लोग कहते हैं कि पहली बार उन्होंने इस तरह का जुलूस देखा है, जब बिटिया के जन्म पर पूरे क्षेत्र ने मिलकर जश्न मनाया हो।
गबेल परिवार की इस पहल को लोग समाज में सकारात्मक संदेश देने वाला कदम मान रहे हैं। उनका कहना है कि ऐसे आयोजन से बेटियों के प्रति लोगों की सोच बदलेगी और महिला सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।






Leave a Reply