जिला सक्ती-छत्तीसगढ़
प्रदेश मिडिया प्रभारी राजा के साथ जिला रिपोर्टर श्रद्धा बर्मन रुखसाना महेश सुनीता कुर्रे मिनू सिदार।
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केरल के पलक्कड़ जिले के वायलार में छत्तीसगढ़ शक्ति जिले के करही निवासी रामनारायण बघेल की असामाजिक तत्वों द्वारा बांग्लादेशी बताकर की गई जघन्य हत्या से पूरा गांव स्तब्ध है क्योंकि मृतक अत्यंत सरल सीधा और मेहनतकश मजदूर था जो अपनी मां के सपनों का आशियाना याने अधूरे घर को पूरा करने के आस लेकर छत्तीसगढ़ से केरल मजदूरी करने गया था जिसके लिए १७ सितंबर जीवन की अंतिम घड़ी साबित हुई, जब उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई।
परंतु उससे बदतर स्थिति अब नजर आ रही है जब हत्या के ६वें दिन भी न ही करही गांव के लोगों उसकी उसकी लाश नसीब हुई है और न ही केरल अथवा छत्तीसगढ़ सरकार ने कोई राहत राशि पीड़ित परिवार को प्रदान की है जबकि शक्ति जिले के प्रभारी मंत्री खुशवंत साहब करही गांव से निजी ताल्लुकात रखते हैं लेकिन वे पत्रकारों के सामने भी इस संबंध में कोई जवाबदारी पूर्वक व्यक्त देने से बचते नजर आए।
इस संबंध में राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग (विधि) के प्रदेश अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय सिंह के कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का नैतिक दायित्व है कि मृतक रामनारायण की लाश को गृह ग्राम करही पहुंचा कर उसके सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार सुनिश्चित करने के साथ मृतक के परिजनों अविलंब आर्थिक सहयोग प्रदान करें।*
केरल के पलक्कड़ जिले के वायलार में छत्तीसगढ़ शक्ति जिले के करही निवासी रामनारायण बघेल की असामाजिक तत्वों द्वारा बांग्लादेशी बताकर की गई जघन्य हत्या से पूरा गांव स्तब्ध है क्योंकि मृतक अत्यंत सरल सीधा और मेहनतकश मजदूर था जो अपनी मां के सपनों का आशियाना याने अधूरे घर को पूरा करने के आस लेकर छत्तीसगढ़ से केरल मजदूरी करने गया था जिसके लिए १७ सितंबर जीवन की अंतिम घड़ी साबित हुई, जब उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई।
परंतु उससे बदतर स्थिति अब नजर आ रही है जब हत्या के ६वें दिन भी न ही करही गांव के लोगों उसकी उसकी लाश नसीब हुई है और न ही केरल अथवा छत्तीसगढ़ सरकार ने कोई राहत राशि पीड़ित परिवार को प्रदान की है जबकि शक्ति जिले के प्रभारी मंत्री खुशवंत साहब करही गांव से निजी ताल्लुकात रखते हैं लेकिन वे पत्रकारों के सामने भी इस संबंध में कोई जवाबदारी पूर्वक व्यक्त देने से बचते नजर आए।
इस संबंध में राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सामाजिक न्याय आयोग (विधि) के प्रदेश अध्यक्ष एवं उच्च न्यायालय अधिवक्ता चितरंजय सिंह के कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का नैतिक दायित्व है कि मृतक रामनारायण की लाश को गृह ग्राम करही पहुंचा कर उसके सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार सुनिश्चित करने के साथ मृतक के परिजनों अविलंब आर्थिक सहयोग प्रदान करें।






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